ढूढती कभी-कभी निगाहें जिसे ढूंढ़ती है,
उसे ही देखना नही चाहती है......!!
9.
नही चाहती कि बहुत लोग पढ़े मुझे,
मेरे शब्द सिर्फ तुम तक ही पहुँच जाये..
इतना ही काफी है....!!
10.
हम न जाने कब उसकी जिन्दगी का
बीता हुआ कल बन गए,
और वो आज भी हमारे आज में सामिल है.....!!
11.
तुम्हे प्यार करने करने की सजा खुद को देती रहती हूँ...
तुम्हे भूल न जाऊं इसलिए...
तुम्हे लिखती रहती हूँ.....!!
12.
ये बदलो का गर्जना......
बिजली का चमकना बहुत डराता है मुझे.......
तुम न जाने कहाँ चले गये हो,
वो तुम्हारी बाँहों में सम्हालना याद आता है मुझे.........!!
13.
आज कल कुछ भी लिखने से डरती हूँ,
डर है कि...........
कही अपने ही शब्दों में बिखर न जाऊं......!!
14.
मुझे नही खबर कि तुम्हारी जिन्दगी में वो कौन सा पल है.....???
जो सिर्फ मेरे लिए हो.....
पर मेरी जिन्दगी का हर इक पल.....
सिर्फ तुम्हारे लिए है..........!!!






