Monday, 25 July 2011

जो मैने अभी लिखा नही..!!

मैने लिखा है,
बहुत कुछ, जिंदगी,प्यार,मिलना-बिछड़ना ,
सब ही लिख दिया..
फिर भी बहुत कुछ है ऐसा मेरे दिल मेँ,
जो मैने अभी लिखा नही..!!

मैने लिखी है,
समंदर की गहराई,पर्वत की ऊँचाई,
लहरे भी कुछ कहती है...
जो मैने अभी लिखा नही...!

मैने लिखा है,
मौसम की बहार को,सुदंरता और सिंगार को,
पतझङ भी कुछ कहता है.. 
जो मैने अभी लिखा नही ...!

मैने लिखा है,
दिल को अरमानो को,होठो पर बिखरी मुस्कान को,
आँखो की उदासी भी कुछ कहती है..
जो मैने अभी लिखा नही...!

मैने लिखा है,
तेरी मेरी उन बातो को,उन अहसासो और जज़बातो को,
ख़ामोशी भी कुछ कहती थी...
जो मैने अभी लिखा नही!

मैने लिखा है,
कविताओं को,मन के भावो को,
फिर भी लगता है कि बहुत कुछ ऐसा है मेरे दिल मेँ
जो मैने अभी लिखा नही..!!
और शायद मैं कभी लिख भी न  पाउंगी...!!

Saturday, 16 July 2011

क्या तुम मिलोगे मुझे????

मैने सोच तो लिया था,                                      
ये मान भी लिया था,
कि तुम नही मिलोगे मुझे!
फिर भी ना जाने क्यू?
एक उम्मीद सी बँधी है...! 
दिल ने एक जिद सी की है तुम्हे पाने की....?
दिल जान कर भी अंजान होना चाहता है,
मैने तो अपना लिया था इस उदासी,
इस तन्हाई को,
पर मेरा दिल नही मानता किसी सच्चाई को?
मेरे प्यार ने फिर जिद की है तुम्हे मना लाने की.....!!
मै फिर खङी हूँ तुम्हारे सामने एक सवाल लेकर......

क्या तुम मिलोगे मुझे????

Thursday, 14 July 2011

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्‍वरः । गुरु साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवे नमः ॥

जिन्दगी की अँधेरी राहो पर 
आपने ज्ञान का दीप जलाया है 
जब भी हम हार कर निराश हुए है 
आपने हर मुश्किल में हमें जीना सिखाया है..

जब भटके है मंजिल से अपनी 
आप ने ही हमें सही राह दिखाई है 
अगर हम मंजिलो को पाने के लिए 
दिन रात दिये की तरह जले है 
आप ने भी अपने आपको हमारे साथ जलाया है.. 

बहुत-बहुत धन्यवाद आपका 
अपने अनुभवों का असीम ज्ञान दे कर 
हमें इस दुनिया के काबिल बनाया है.....!!

Tuesday, 5 July 2011

तुमसे जिन्दगी भर प्यार कर सकती हूँ मैं ...!!!

तुम एक उम्मीद दो,
मैं तुम्हारा जिन्दगी भर इंतजार कर सकती हूँ 
तुम मेरे साथ हो सिर्फ इतना काफी है 
तुमसे जिन्दगी भर प्यार कर सकती हूँ  मैं..! 

तुम भी मुझसे प्यार करो,इकरार करो
ऐसी शर्त नही रखी मैंने 
तुमसे प्यार करती हूँ 
जिन्दगी भर ये इकरार कर सकती हूँ मैं...

तुम्हारी जिन्दगी में मेरी कमी हो न हो 
पर यकीन करो 
अपने प्यार से तुम्हारी जिन्दगी की 
हर कमी भर सकती हूँ  मैं ..!!!



Friday, 1 July 2011

इक जिद है मेरी ....!!!

इक जिद है मेरी,                         
तुम्हे पाने की..                    
इक जिद है मेरी,
तुम्हे ना भुलाने की..
इक जिद है मेरी,
तुम्हारे साथ मंजिल तक जाने की..
इक जिद है मेरी,
हर पल तुम्हारा साथ देने की...
इक जिद है मेरी,
तुम्हे जीत लेने की..
इक जिद है मेरी,
तुमसे हार जाने की....!!!

Thursday, 30 June 2011

मेरे साथ चल कर देखना .....!!!

कभी जो वक़्त मिले तो
मेरे साथ चल कर देखना 
मेरे साथ इन टेढ़ी मेढ़ी राहो से गुज़र कर 
अपने हाथो में मेरा हाथ थाम कर
कुछ दूर सम्हल कर देखना....!

तुम्हारे ख्वाब,
तुम्हारी ख्वाइशे
मुझमे सब कुछ तुम्हारा ही है
एक बार अपने दिल को
मेरे दिल से बदल कर देखना...!
कभी जो वक़्त मिले तो
मेरे साथ चल कर देखना.......!!!

Wednesday, 29 June 2011

डॉ. किरण मिश्रा जी .... एक पूर्ण व्यक्तित्व...!!

                                                     
  कभी-कभी हम किसी ऐशे शख्स से मिलते है जो हमारे जीवन में एक छाप छोड़ जाते है अपने आप में एक पूर्ण व्यक्तित्व होते  है मैं भी इन्ही दिनों एक ऐसे ही आसाधारण व्यक्तित्व  की धनी सख्सियत से मिली आपका  परिचय डॉ. किरण मिश्रा कानपुर में के के गर्ल्स डिग्री कालेज में प्राचार्य पद पर कार्यरत है..
आपको पहले मैंने आपके ब्लॉग पर पढ़ा था और फिर आपसे मिलने का मौका भी मिला... 

मैं जब आपसे मिलने जा रही थी सामान्यता जो हर कोई सोचता है की डिग्री कालेज में प्राचार्य है तो बहुत सख्त होगी लेकिन मैं गलत थी,आपसे एक मुलाकात ने मेरी जीवन को एक नयी राह,नयी उम्मीद दे गयी..! आपकी शालीनता,सरलता और जिन्दगी में खुश रहने की इतनी सारी वजह किसी को भी प्रभावित कर सकती है..
आपसे मिलकर मुझे लगा की कोई भी पद किसी की पहचान नही बनाता बल्कि उसका व्यक्तित्व उसकी पहचान को पूर्ण करता है मैं जब आपसे  मिली तो बहुत डर रही थी पता नही मैं ठीक से बात कर भी पाउंगी की नही? पर आपसे  मिलने के बाद आपके असाधारण व्यक्तित्व से परिचय हुआ..
आपने  इस तरह जिन्दगी की छोटी छोटी बातो में खुशियों को तलाश करना उनमे जीने की कला को समझाया..आपके अंदर मैंने एक गुरु,एक दोस्त,एक मार्गदर्शक  को देखा... 

आपसे मिलने के बाद जो मैंने महसूस किया उन्हें शब्दों में उतरने की एक छोटी सी कोशिश की है,फिर भी बहुत कुछ था आपके व्यक्तित्व में जिसे कहने के लिए मुझे शब्द नही मिल पाए जो सिर्फ महसूस किये जा सकते  है ..आपका व्यक्तित्व किसी की भी जिन्दगी में एक साकारात्मक सोच को विकसित कर सकता है...
मेरे विचार से आप एक पूर्ण व्यक्तित्व की धनी है आपसे  मिलने के बाद मैं ही नही मेरे जैसी हजारो लडकिया  आपके  जैसा बनाना चाहेंगी.....!!

 ब्लॉग... kirankiduniya.blogspot.com`